इसरो का पीएसएलवी-सी62 मिशन भले ही तकनीकी खराबी के कारण फेल हो गया, लेकिन स्पेनिश स्टार्टअप ऑर्बिटल पैराडाइम का 'किड' (KID) कैप्सूल मौत के मुंह से बच निकला. 25 किलो के इस फुटबॉल नुमा प्रोटोटाइप ने भीषण गर्मी और 28जी का भारी दबाव झेलते हुए धरती पर सफलतापूर्वक डेटा भेजा. जहां डीआरडीओ का मुख्य सैटेलाइट नष्ट हो गया, वहीं इस कैप्सूल की सफलता ने भविष्य के रीयूजेबल अंतरिक्ष यानों के लिए बेहद बेशकीमती जानकारी दी है.
from देश News in Hindi, देश Latest News, देश News https://ift.tt/5R7PWQC

इसरो का पीएसएलवी-सी62 मिशन भले ही तकनीकी खराबी के कारण फेल हो गया, लेकिन स्पेनिश स्टार्टअप ऑर्बिटल पैराडाइम का 'किड' (KID) कैप्सूल मौत के मुंह से बच निकला. 25 किलो के इस फुटबॉल नुमा प्रोटोटाइप ने भीषण गर्मी और 28जी का भारी दबाव झेलते हुए धरती पर सफलतापूर्वक डेटा भेजा. जहां डीआरडीओ का मुख्य सैटेलाइट नष्ट हो गया, वहीं इस कैप्सूल की सफलता ने भविष्य के रीयूजेबल अंतरिक्ष यानों के लिए बेहद बेशकीमती जानकारी दी है.
Source: देश News in Hindi, देश Latest News, देश News
from देश News in Hindi, देश Latest News, देश News https://ift.tt/5R7PWQC

इसरो का पीएसएलवी-सी62 मिशन भले ही तकनीकी खराबी के कारण फेल हो गया, लेकिन स्पेनिश स्टार्टअप ऑर्बिटल पैराडाइम का 'किड' (KID) कैप्सूल मौत के मुंह से बच निकला. 25 किलो के इस फुटबॉल नुमा प्रोटोटाइप ने भीषण गर्मी और 28जी का भारी दबाव झेलते हुए धरती पर सफलतापूर्वक डेटा भेजा. जहां डीआरडीओ का मुख्य सैटेलाइट नष्ट हो गया, वहीं इस कैप्सूल की सफलता ने भविष्य के रीयूजेबल अंतरिक्ष यानों के लिए बेहद बेशकीमती जानकारी दी है.
Source: देश News in Hindi, देश Latest News, देश News